Friends !
जैसा कि आप जानते ही हैं, आजकल एक और विडियो-फ़िल्म बनाने की तैयारियों में लगा हूं । स्क्रिप्ट तैयार है । कास्टिंग शुरू कर दी हैं ।
कुछ फ़िल्में पहले भी बनाई हैं, मगर इस बार मामला ज़रा डिफ़रेंट है । पहले वाली फ़िल्में शार्ट-फ़िल्में थीं, उनमें गाने नहीं थे, सब्जेक्ट सीरियस थे और उन्हें बनाने में खर्च उतना हुआ था जितना हमारा ग्रुप बर्दाश्त कर सकता था ।
मगर अब, फ़िल्म की लम्बाई एक घन्टे से अधिक है, दो-तीन गाने हैं, सब्जेक्ट “कामेडी” है, और खर्च पहले से ज़्यादा है । इसलिये इसे कन्ट्रीब्यूशन-बेसिस पर बनाना चाहता हूं । यानि कि इसमें काम करने वाले सभी आर्टिस्ट थोड़ा-थोड़ा पैसा देंगे और उस पैसे से फ़िल्म बन जायेगी । फिर मेरी कोशिश ये होगी कि फ़िल्म ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंचे ।
हालाँकि ये फ़न्डा कुछ लोगों को अजीब सा लगेगा, और कुछ लोग नाक-भौं भी सिकोड़ेंगे । मगर मुझे ऐसे लोगों की परवाह नहीं है । ये वो लोग होते हैं जो खुद तो कुछ उखाड़ कर इकट्ठा नहीं कर पाते, और दूसरों की बेकार में ही आलोचना करते हैं । मुझे तो ऐसे लोगों को साथ लेना है जो खुद को टैलेण्टेड मानते हों, कुछ करके दिखाना चाहते हों, और अपने शौक़ को पूरा करने के लिये थोड़ा सा पैसा भी खर्च कर सकें (चाहे वो एकदम नये हों और किसी भी उम्र के हों) ।
मैं प्रफ़ेशनल मेकर नहीं हूं । सेट-अप भी बड़ा नहीं है । कोई तड़क-भड़क, दिखावा भी नहीं है । मगर साथ ही, धोखा और exploitation भी नहीं है मेरे यहां । मेरे पुराने आर्टिस्ट जानते हैं कि जब हम काम करते हैं तो काम ही करते हैं, फ़ालतू बातों और बेकार के चक्करों का अपने यहां सवाल ही नहीं उठता । मेरे साथ जो लोग जुड़ते हैं वो काफ़ी कुछ सीखते हैं । और अगर उनमें दम होता है तो फिर आगे उनको हमारे ग्रुप की तरफ़ से हमेशा सपोर्ट मिलता रहता है ।
खैर, ये तो बाद की बातें हैं । अभी तो बस आर्टिस्ट जोड़ने हैं और काम करना है । लिहाज़ा आप लोगों से इतना फ़ेवर चाहूंगा कि इस सन्देश को ज़्यादा से ज़्यादा आगे बढ़ायें और मेरी कोशिश को सफल बनाने मे सहयोग करें ।
इस फ़िल्म के लिये ऐक्टर्स (हर उम्र के मेल्स, फ़िमेल्स, बच्चे), सिंगर्स, म्युज़ीशियंस, स्पान्सर्स, को-प्रोडयूसर्स, ऐडवर्टाइज़र्स…. सबका स्वागत है ।
और ज़्यादा जानकारी के लिये हमसे kimuzacreations@gmail.com और 9999863456 पर कान्टेक्ट किया जा सकता है ।
नोट- नये और अनुभवहीन कलाकारों को बिना किसी फ़ीस के ट्रेनिंग दी जायेगी ।
ऐसे लोगों का सबसे पहले स्वागत है जिनके अन्दर ऐक्टिंग का कीड़ा बरसों से कुलबुला रहा है, मगर वो शर्म, झिझक और “लोग क्या कहेंगे” टाइप चीज़ों के कारण अपने अन्दर की आग को सीने में दबाये बैठे हैं और उम्र गुज़ारते जा रहे हैं । उठ खड़े होइये हुज़ूर । दिखा दीजिये दुनिया को कि आप क्या कर सकते हैं । हम आपके साथ हैं ।