दोस्तो ! मैं वर्डप्रैस छोड़ रहा हूं । अब आप मुझसे फ़ेसबुक, http://www.moinshamsi.blogspot.com और http://www.openbooksonline.com/profile/moinshamsi पर मिल सकते हैं ।
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दोस्तो ! मैं वर्डप्रैस छोड़ रहा हूं । अब आप मुझसे फ़ेसबुक, http://www.moinshamsi.blogspot.com और http://www.openbooksonline.com/profile/moinshamsi पर मिल सकते हैं ।
Friends ! जैसा कि आप जानते ही हैं, आजकल एक और विडियो-फ़िल्म बनाने की तैयारियों में लगा हूं । स्क्रिप्ट तैयार है । कास्टिंग शुरू कर दी हैं । कुछ फ़िल्में पहले भी बनाई हैं, मगर इस बार मामला ज़रा डिफ़रेंट है । पहले वाली फ़िल्में शार्ट-फ़िल्में थीं, उनमें गाने नहीं थे, सब्जेक्ट सीरियस थे [...]
अपने टैलेन्टेड स्टूडेन्ट्स की लगातार गुज़ारिश से इन्स्पायर्ड होकर एक बार फिर मैंने एक फ़िल्म बनाने का इरादा किया है । ये एक कॉमेडी फ़िल्म होगी जिसमें गीत-संगीत भी होगा और हल्का-फुल्का मैसिज भी । बजट छोटा ही है क्योंकि हम लोग अपने पैसे पर अपना शौक़ पूरा करते हैं । पैसा कमाना ना कभी [...]
दोस्तो ! अगर आप मेरी आवाज़ में कुछ गीत सुनना चाहें तो नीचे दिये गये लिंक्स पर क्लिक करें: तेरी दुनिया से http://www.hotshare.net/audio/247718-14162971cb.html एक लड़की को http://www.hotshare.net/audio/247726-41699994bf.html दिलबर मेरे http://www.hotshare.net/audio/247733-8382449af2.html याद आ रही है http://www.hotshare.net/audio/247737-1849198820.html mana janab ne http://www.hotshare.net/audio/251241-46611661b6.html TERE JAISA YAAR http://www.hotshare.net/audio/251242-927239021d.html
मैं फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी हूं । चाहें तो तशरीफ़ लायें ।
LISTEN THE SONG “TERI DUNIA SE DOOR…” IN MY VOICE, AND LET ME KNOW HOW BESURAA I AM. The song can be downloaded from here: http://www.hotshare.net/audio/247718-14162971cb.html (सुनिये मेरी आवाज़ में, किशोर दा का सदाबहार गीत “तेरी दुनिया से….”, और मुझे बताइये कि क्या आप मुझे झेल पाये ? डाउनलोड-लिंक ये है): http://www.hotshare.net/audio/247718-14162971cb.html
दिल्ली में मैंने एक बड़ी अजीब बात नोट की है । यहाँ लोग टीचर्स को बड़ा हेय समझते हैं । और सरकारी स्कूल्स के टीचर्स से तो इनका जनम-जनम का बैर है । सरकारी स्कूल-टीचर्स इन्हें फूटी आँख नहीं सुहाते । उन्हें लगता है कि वो मुफ़्त की सेलरी ले रहे हैं, आधे दिन की [...]
कहते हैं जो जैसा करता है, वैसा ही भरता है । तो… गुस्ताख़ी माफ़ हो…… जिन बुज़ुर्गों के साथ उनकी सगी औलादें बुरा बर्ताव करती हैं, क्या उन बुज़ुर्गों ने भी अपने बड़ों के साथ वैसा ही बर्ताव किया था, जिसकी वो सज़ा पा रहे हैं…?
आजकल कुछ मर्द चोटी रख रहे हैं… लड़कियों की तरह…! कान में बाली पहन रहे हैं…! ब्यूटीपार्लर तो पहले से ही जाने लगे थे….! क्या जल्दी ही साड़ियाँ भी पहनने लगेंगे?